बचपन में ज्यादातर बच्चे अपना काफी समय खेल-कूद में ही बिताना पसंद करते हैं. वहीं ज्यादातर पेरेंट्स बच्चों को कम खेलने की सलाह देते नजर आते हैं.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चों के लिए खेलना (Playing) भी बहुत जरूरी है? अगर नहीं तो बता दें कि खेलना बच्चों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है.

खेलने से बच्चों को स्किल डेवलेपमेंट में मदद मिलती है. इससे न सिर्फ बच्चों की बौद्धिक क्षमता का विकास होता है बल्कि मानसिक रूप से भी बच्चे खुश और स्वस्थ रहते हैं.

वहीं टीम में खेलने से बच्चे टीम वर्क, धैर्य रखना, लीडरशिप जैसी क्वालिटीज भी सीखते हैं. जिसका उनकी पर्सनालिटी और पढ़ाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.

कई बार पेरेंट्स चोट लगने के डर से बच्चों को बिल्कुल खेलने नहीं देते हैं. हालांकि, खेल के दौरान लगी छोटी-मोटी चोट बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने का काम करती हैं.

वहीं खेल-कूद बचपन में बच्चों के लिए बेस्ट एक्सरसाइज साबित होती है. जिससे बच्चों का शारीरिक विकास काफी तेजी से होता है और बच्चे हेल्दी रहते हैं.

बच्चों के खेलने-कूदने का असर उनकी पढ़ाई पर भी देखने को मिलता है. नियमित रूप से खेलने पर बच्चों में कड़ी मेहनत और समर्पण की भावना का विकास होता है.

जिससे बच्चे पढ़ाई में भी बेस्ट परफॉर्मेन्स देते हैं और रोजमर्रा के सभी काम काफी कुशलतापूर्वक करते हैं.

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